जहानाबाद जिले की पटना-गया मुख्य सड़क पर एक खतरनाक नजारा देखने को मिल रहा है। दरअसल कनौदी से इरकी तक की पुरानी सड़क जो कि NH 83 में शामिल था, अब सड़क निर्माण विभाग को दे दिया गया है। दो साल पहले सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू हुआ।
कई व्यवधानों की वजह से कम मंद गति से चल रहा है। काम में और तेजी लाई जाए इसको लेकर कई बैठकें जिला स्तर पर भी हुईं। लेकिन वन विभाग की ओर से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट नहीं मिला। सड़क चौड़ीकरण में कई पेड़ काटे जाने थे जिसको लेकर वन विभाग ने 14 एकड़ जमीन की मांग की।
अभी जमीन की खोज बिन चल ही रही थी इस बीच पेड़ को छोड़कर आसपास सड़क का निर्माण कर दिया गया। अब बीच सड़क पर खड़े दर्जनों पेड़ मौत की दावत दे रहे हैं. ये पेड़ अब सड़क पर चलने वाले हर वाहन और हर व्यक्ति के लिए एक स्थायी खतरा बन चुके हैं। खासकर पटना गया रोड स्थित एरकी पवार ग्रिड के पास कई सारे पेड़ हैं हैं जो पुरानी सड़क के किनारे थे। लेकिन चौड़ीकरण के बाद अब वह पेड़ बीच सड़क पर आ गए हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार इन पेड़ो की वजह से सड़क दुर्घटना भी हुई। लगभग 7.48 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर दर्जनों पेड़ हैं।सड़क चौड़ीकरण की इस परियोजना के दौरान वन विभाग और जिला प्रशासन के बीच पेड़ों की कटाई को लेकर आपस में तनातनी की बात भी बताई जा रही है।
जहां वन विभाग ने पेड़ों की कटाई के बदले 14 हेक्टेयर वन भूमि की भरपाई की मांग की, जिला प्रशासन उनकी इस शर्त को अब तक पूरा नहीं कर सका। इस बीच निर्माण कार्य में लगी एजेंसी ने सड़क को चौड़ीकरण कर दिया गया वो भी पेड़ छोड़कर। अब सड़क में जगह-जगह पेड़ ही पेड़ नजर आ रहे हैं।
विमल कुमार, जहानाबाद
