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बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर का फिर विवादित बयान,कहा – मानसिक गुलामी का रास्ता, शोषण का स्थल है मंदिर …

रोहतास: आरजेडी के नेताओं की ओर से विवादित बयान का सिलसिला जारी है. बिहार सरकार  में आरजेडी कोटे से शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने एक बार फिर हिंदू आस्था को लेकर बयानबाजी की है. इतना ही नहीं बल्कि उन्होंने पार्टी के विधायक फतेह बहादुर सिंह के बयान का समर्थन किया है और उनसे दो कदम आगे निकलकर विवादित टिप्पणी की है.

रविवार (07 जनवरी) को डेहरी में एमएलए फतेह बहादुर सिंह की ओर से सावित्री बाई फुले की जयंती समारोह का आयोजन किया गया था. इसी में शामिल होने के लिए शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर पहुंचे थे. उनके साथ बिहार सरकार के भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री आलोक मेहता और अति पिछड़ा कल्याण मंत्री अनिता देवी भी मौजूद थीं.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि आज हिंदूवाद से सावधान रहने की जरूरत है. फतेह बहादुर सिंह ने सावित्री बाई फुले की बात दोहराई थी न कि अपनी कोई बात कही थी. उन्होंने कहा था कि मंदिर का रास्ता मानसिक गुलामी का रास्ता होता है, स्कूल का रास्ता प्रकाश का रास्ता दिखाता है. फतेह बहादुर की जीभ और गले की कीमत घोषित करने वाले यह जान लें कि अब एकलव्य की तरह आहुति देंगे नहीं, लेंगे.

शिक्षा मंत्री ने कहा कि आपको चोट लगेगी तो आप मंदिर जाओगे या अस्पताल? ठीक उसी तरह अगर आपको ज्ञान अर्जित करना है, पढ़ लिखकर बड़ा अधिकारी या होशियार बनना है तो विद्यालय जाना होगा. मंदिर जाने से काम नहीं चलेगा.

शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर ने मंदिर को शोषण का स्थल बताया. कहा कि जब हम में, तुम में, हर जगह राम ही व्याप्त हैं तो खोजने के लिए कहां जाएंगे? जो स्थलें निर्धारित की गई हैं निश्चित तौर पर वो शोषण का स्थल है. चंद समाज के कुछ षड्यंत्रकारियों की जेब भरने के लिए यह जगह है.

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